वसंत स्वागतम गीत

आगमन वसंत का स्वीकार कीजिए,
शारदे मां तारदे गुणगान कीजिए,
अंब,टेसू भी पुष्पित, पल्लवित होंगे,
तैलयुक्त गंध का आनंद लीजिए।
आगमन ———–

कोकिला गाएगी बागों में भी छुप -2 के,
मानों दो प्रेमी सुनाते बातें गुप चुप से,
सरसों भी फूली है जैसे नववधू आई,
संगीत,गीत,काव्य का आनंद लीजिए।
आगमन —————–

तापमान कम हुआ सरदी भी छुप गई,
हिम से हिमकणों भी जीवंत काम हुई,
धरती हुई है धानी सब संताप छोड़कर,
ऋतुओं का राजा आ गया स्वागत कीजिए।
आगमन ————-

वीणा कर में धार कर तान छोड़ दो,
अज्ञान पुंज को मां, ज्ञान से तोड़ दो,
द्वेष आदि भूलकर उपकार अपनाओ,
होलिका दहन का यशगान कीजिए।
आगमन —————

आपका अपना; अनुज कुमार यादव
अलीगढ़ उत्तर प्रदेश

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