कव्यांक

जब रास्तों में मेरे सिर्फ नाकामियां हाथ लग रही थीं;एक इत्तेफाक़ था शायद जो मुझे तुम मिले। अकेले ही काट रहा था सफ़र, अकेले ही गुज़ार होती ज़िन्दगी;शायद भाग्य में लिखा था कुछ ज़्यादा मेरे लिए, जो ऐसी तन्हाई में मुझे तुम मिले। हर मोड़ पर आकर ठोकरें खाने की आदत हो चली थी,हर कदम…… Continue reading कव्यांक

সুশান্ত সিং ৰাজপুত

!!সুশান্ত সিং ৰাজপুত!! চকুত সপােন লৈ বুকুত সাহস লৈ, অভিনয় কৰাৰ বহু আশা লৈ, আহিছিলা মুম্বাই চহৰলৈ!! বহু চেষ্টা আৰু কষ্টৰে খােজ দিছিলা ৰুপালী পর্দাত!! “পৱিত্ৰ ৰিষ্টাৰে” সকলােকেবান্ধি ৰাখিছিলা,এখনৰ পাছত এখন সফল ছবি, সাফল্যৰ জখলাদাল যেনতােমাৰেই প্রতিছবি!!সকলােকে এৰি থৈ গুচি গ’লা!! নাজানাে এইয়া কিন্তু,কি কথাত জানাে তুমি বেয়া পালা,আত্মহত্যা নেআনৰ দ্বাৰা হত্যাৰ বলি হলা, মাত্র…… Continue reading সুশান্ত সিং ৰাজপুত

शायर

“शायर कोई मैं खुदको कहता नहीं,बस मेरे लफ्ज़ लोगों को भा जाया करते हैं। राहों पर मैं अक्सर अकेले ही निकलता हूँ;महफ़िल जमाने लोग खुद ही आ जाया करते हैं।” –––––––––––––– “इन रातों से कोई शिकवा नहीं है,अगर मैं चाँद हूँ तो मेरा नूर तुम हो। नहीं कोई गिला इन दूरियों से भी मुझे;इन्हीं दूरियों…… Continue reading शायर

I lost my crown

I was walking around in the middle of the town, Like a king of the world, was ignoring the ground. A small piece of rock I stumbled upon, Fell down, there goes my pride, and I lost my crown.