Tag: shayar

Broken Days: Day 1

That day I thought,Why am I even alive.When I didn’t get it,For which I prayed for.And leaving me aloneThat heartless still smiles. Day 1- A Dream Accepting the reality is hardWhen things don’t turn outLike you expected it to be. We never really feel itWhen it happens for […]

कव्यांक

जब रास्तों में मेरे सिर्फ नाकामियां हाथ लग रही थीं;एक इत्तेफाक़ था शायद जो मुझे तुम मिले। अकेले ही काट रहा था सफ़र, अकेले ही गुज़ार होती ज़िन्दगी;शायद भाग्य में लिखा था कुछ ज़्यादा मेरे लिए, जो ऐसी तन्हाई में मुझे तुम मिले। हर मोड़ पर आकर ठोकरें […]

शायर

“शायर कोई मैं खुदको कहता नहीं,बस मेरे लफ्ज़ लोगों को भा जाया करते हैं। राहों पर मैं अक्सर अकेले ही निकलता हूँ;महफ़िल जमाने लोग खुद ही आ जाया करते हैं।” –––––––––––––– “इन रातों से कोई शिकवा नहीं है,अगर मैं चाँद हूँ तो मेरा नूर तुम हो। नहीं कोई […]

Creative Commons License
Except where otherwise noted, Manthan Blog on this site is licensed under a Creative Commons Attribution-ShareAlike 4.0 International License.

New Report

Close