Tag: Shayari

कव्यांक

जब रास्तों में मेरे सिर्फ नाकामियां हाथ लग रही थीं;एक इत्तेफाक़ था शायद जो मुझे तुम मिले। अकेले ही काट रहा था सफ़र, अकेले ही गुज़ार होती ज़िन्दगी;शायद भाग्य में लिखा था कुछ ज़्यादा मेरे लिए, जो ऐसी तन्हाई में मुझे तुम मिले। हर मोड़ पर आकर ठोकरें […]

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